2038 दीवाली तारीख व समय भारतीय समय अनुसार, 2038 दीवाली हिंदी कैलेंडर, 2038 में दीवाली त्यौहार के सभी तारीख व समय, पूजा विधि, दीवाली मंत्र।
'दीवाली' हिन्दुओं का प्रसिद्ध त्यौहार है। दीवाली हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है। दीवाली भारत के सबसे बड़े और प्रतिभाशाली त्योहारों में से एक है। दीवाली को 'दीपावली' भी कहते हैं। दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों 'दीप' अर्थात 'दिया' व 'आवली' अर्थात 'लाइन' या 'श्रृंखला' के मिश्रण से हुई है।
इस साल दीवाली के तरीख :
दीवाली में लगभग सभी घर एवं रास्ते दीपक एवं प्रकाश से रोशन किये जाते हैं। लोग अपने घरों का कोना-कोना साफ़ करते हैं, नये कपड़े पहनते हैं। मिठाइयों के उपहार एक दूसरे को बाँटते हैं, एक दूसरे से मिलते हैं। घर-घर में सुन्दर रंगोली बनायी जाती है, दिये जलाए जाते हैं और आतिशबाजी की जाती है। बड़े छोटे सभी इस त्योहार में भाग लेते हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई-चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है। दीवाली के दिन सभी लोग खुशी मनाते हैं एवं एक-दूसरे को बधाईयाँ देते हैं। बच्चे खिलौने एवं पटाखे खरीदते हैं। दुकानों एवं मकानों की सफाई की जाती है एवं रंग पुताई इत्यादि की जाती है। रात्रि में लोग धन की देवी 'लक्ष्मी' की पूजा करते हैं।

इस साल दीवाली के तरीख :
27 अक्टूबर 2038
बुधवार
दीवाली में लगभग सभी घर एवं रास्ते दीपक एवं प्रकाश से रोशन किये जाते हैं। लोग अपने घरों का कोना-कोना साफ़ करते हैं, नये कपड़े पहनते हैं। मिठाइयों के उपहार एक दूसरे को बाँटते हैं, एक दूसरे से मिलते हैं। घर-घर में सुन्दर रंगोली बनायी जाती है, दिये जलाए जाते हैं और आतिशबाजी की जाती है। बड़े छोटे सभी इस त्योहार में भाग लेते हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई-चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है। दीवाली के दिन सभी लोग खुशी मनाते हैं एवं एक-दूसरे को बधाईयाँ देते हैं। बच्चे खिलौने एवं पटाखे खरीदते हैं। दुकानों एवं मकानों की सफाई की जाती है एवं रंग पुताई इत्यादि की जाती है। रात्रि में लोग धन की देवी 'लक्ष्मी' की पूजा करते हैं।