2050 धनतेरस तारीख व समय भारतीय समय अनुसार, 2050 धनतेरस हिंदी कैलेंडर, 2050 में धनतेरस त्यौहार के सभी तारीख व समय, पूजा विधि, धनतेरस मंत्र।
'धनतेरस' हिंदुओं का एक प्रसिद्ध त्यौहार है। 'धनतेरस' का पर्व हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। भारत सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
इस साल धनतेरस के तरीख :
धनतेरस के दिन भगवान् धन्वंतरि का पूजन किया जाता है। सायंकाल दीपक जलाकर घर, दुकान आदि को सजाते हैं। मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुआं, तालाब एवं बगीचे में भी दीपक लगाते हैं। धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है; जिसके सम्भव न हो पाने पर लोग चांदी के बने बर्तन खरीदते हैं। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है। संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। भगवान धन्वन्तरी से स्वास्थ और सेहतमंद बनाये रखने हेतु प्रार्थना करें। चांदी का कोई बर्तन या लक्ष्मी गणेश अंकित चांदी का सिक्का खरीदें। नया बर्तन खरीदे जिसमें दीपावली की रात भगवान श्री गणेश व देवी लक्ष्मी के लिए भोग चढ़ाएं।

इस साल धनतेरस के तरीख :
11 नवंबर 2050
शुक्रवार
धनतेरस के दिन भगवान् धन्वंतरि का पूजन किया जाता है। सायंकाल दीपक जलाकर घर, दुकान आदि को सजाते हैं। मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुआं, तालाब एवं बगीचे में भी दीपक लगाते हैं। धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है; जिसके सम्भव न हो पाने पर लोग चांदी के बने बर्तन खरीदते हैं। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है। संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। भगवान धन्वन्तरी से स्वास्थ और सेहतमंद बनाये रखने हेतु प्रार्थना करें। चांदी का कोई बर्तन या लक्ष्मी गणेश अंकित चांदी का सिक्का खरीदें। नया बर्तन खरीदे जिसमें दीपावली की रात भगवान श्री गणेश व देवी लक्ष्मी के लिए भोग चढ़ाएं।